नई दिल्ली: केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग, जूडो और पैरा-एथलेटिक्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को नकद पुरस्कारों से नवाजा, जिसमें स्वर्ण पदक विजेताओं को 30 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 20 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 10 लाख रुपये के चेक सौंपे गए।
ग्लासगो में हुए इन खेलों में भारतीय बॉक्सिंग दल ने कुल 10 मेडल जीतकर मेडल तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। बॉक्सिंग में सात स्वर्ण मेडल प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घांघस, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पांघाल ने अपने नाम किए, जबकि जादुमनी सिंह, ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक जीते। वहीं, जूडो में भारत ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करते हुए दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज सहित चार मेडल जीते। अस्मिता कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका और हर्ष पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने। पैरा-एथलेटिक्स दल ने भी शानदार प्रदर्शन कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की क्षमता का लोहा मनवाया।
खिलाड़ियों को बधाई देते हुए डॉ. मांडविया ने उनसे कहा कि वे अपने सक्रिय करियर के बाद केवल सरकारी नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि 36,000 करोड़ रुपये की विस्तारित ‘खेलो इंडिया’ योजना का लाभ उठाकर अपनी स्पोर्ट्स एकेडमी खोलें और अगली पीढ़ी के मार्गदर्शक बनें। उन्होंने आगामी एशियन गेम्स 2026 की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ खिलाड़ियों को सफलता में कोच के अमूल्य योगदान को कभी न भूलने का संदेश दिया। बता दें कि इन खिलाड़ियों को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) और साई (SAI) के माध्यम से विश्वस्तरीय सुविधाएं एवं प्रशिक्षण सहायता प्रदान की गई है।
